राजस्थान, केरल और बंगाल में भारतीय रेल की नई बंपर परियोजनाएं, ₹871 करोड़ का बड़ा निवेश
नई दिल्ली: Indian Railways ने देशभर में रेल अवसंरचना के आधुनिकीकरण को गति देने के लिए ₹871 करोड़ की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। ये परियोजनाएं राजस्थान, केरल और पश्चिम बंगाल में कोच मेंटेनेंस उन्नयन, रेलखंड दोहरीकरण और परिचालन बाधाओं को दूर करने पर केंद्रित हैं।
राजस्थान: श्रीगंगानगर में ₹174.26 करोड़ की कोच मेंटेनेंस सुविधा
उत्तर पश्चिम रेलवे के अंतर्गत श्रीगंगानगर स्टेशन पर ₹174.2644 करोड़ की लागत से कोच मेंटेनेंस सुविधा (फेज-I) के विकास को मंजूरी दी गई है।
प्रमुख कार्य:
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600 मीटर लंबी दो वाशिंग लाइन
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650 मीटर लंबी तीन स्टेबलिंग लाइन
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दो पिट लाइन और एक व्हील लेथ लाइन
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650 मीटर इंजन एस्केप लाइन
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120x24 मीटर का सिक लाइन शेड
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ऑटोमैटिक कोच वाशिंग प्लांट
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आधुनिक उपकरण जैसे सिंक्रोनाइज्ड जैक, फोर्कलिफ्ट और EOT क्रेन
इस परियोजना से प्रतिदिन छह अतिरिक्त रेक की मेंटेनेंस क्षमता बढ़ेगी और एलएचबी व वंदे भारत ट्रेनों को बेहतर समर्थन मिलेगा।
अंग्रेजी में पढ़ें: Indian Railways Sanctions ₹871 Crore Infrastructure Projects Across Rajasthan, Kerala and West Bengal
राजस्थान: लालगढ़ डिपो का ₹139.68 करोड़ से विस्तार
बीकानेर क्षेत्र में बढ़ती जरूरतों को देखते हुए लालगढ़ कोचिंग मेंटेनेंस डिपो के फेज-II विस्तार को ₹139.6820 करोड़ की स्वीकृति मिली है।
प्रमुख सुविधाएं:
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600 मीटर वाशिंग लाइन
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चार वाशिंग लाइनों पर कवर शेड
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सिक लाइन का विस्तार
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1000 वर्गमीटर सर्विस बिल्डिंग
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दो ऑटोमैटिक कोच वाशिंग प्लांट
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दो 25 टन EOT क्रेन
यह विस्तार वंदे भारत और अन्य आधुनिक ट्रेनों की तेज और विश्वसनीय मेंटेनेंस सुनिश्चित करेगा।
केरल: तूरवूर–मरारीकुलम रेलखंड का ₹450.59 करोड़ से दोहरीकरण
दक्षिण रेलवे के अंतर्गत 21.10 किमी तूरवूर–मरारीकुलम रेलखंड के दोहरीकरण को ₹450.59 करोड़ की मंजूरी मिली है।
लाभ:
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प्रतिदिन दोनों दिशाओं में 9 अतिरिक्त यात्री ट्रेनें
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लगभग 2.88 मिलियन टन वार्षिक माल ढुलाई क्षमता वृद्धि
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मालगाड़ियों के ठहराव समय में 17–19 मिनट की कमी
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यात्री ट्रेनों के समय में 12–15 मिनट की बचत
यह परियोजना कोचीन पोर्ट से जुड़े माल परिवहन को भी मजबूती देगी।
पश्चिम बंगाल: कालिपहाड़ी बाइपास लाइन को ₹107.10 करोड़ की स्वीकृति
पूर्व रेलवे के अंतर्गत 4.75 किमी कालिपहाड़ी बाइपास लाइन को ₹107.10 करोड़ की मंजूरी दी गई है, जिससे आसनसोल यार्ड में इंजन रिवर्सल की आवश्यकता समाप्त होगी।
प्रमुख लाभ:
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प्रतिदिन 9 मालगाड़ियों के लिए लगभग 90 मिनट की बचत
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8 कोचिंग ट्रेनों के लिए 30 मिनट की बचत
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यार्ड भीड़ में कमी और परिचालन दक्षता में सुधार
आधुनिक और उच्च क्षमता वाली रेल नेटवर्क की दिशा में बड़ा कदम
इन ₹871 करोड़ की परियोजनाओं के माध्यम से भारतीय रेल:
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मेंटेनेंस ढांचे का आधुनिकीकरण
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व्यस्त रेलखंडों का दोहरीकरण
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परिचालन बाधाओं का समाधान
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यात्री एवं माल सेवाओं की क्षमता वृद्धि
जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ रही है।
यह पहल देश की आर्थिक प्रगति को मजबूती देने के साथ-साथ तेज, सुरक्षित और विश्वसनीय रेल सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
पश्चिम बंगाल: कालिपहाड़ी बाइपास लाइन को ₹107.10 करोड़ की स्वीकृति
पूर्व रेलवे के अंतर्गत 4.75 किमी कालिपहाड़ी बाइपास लाइन को ₹107.10 करोड़ की मंजूरी दी गई है, जिससे आसनसोल यार्ड में इंजन रिवर्सल की आवश्यकता समाप्त होगी।
प्रमुख लाभ:
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प्रतिदिन 9 मालगाड़ियों के लिए लगभग 90 मिनट की बचत
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8 कोचिंग ट्रेनों के लिए 30 मिनट की बचत
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यार्ड भीड़ में कमी और परिचालन दक्षता में सुधार
आधुनिक और उच्च क्षमता वाली रेल नेटवर्क की दिशा में बड़ा कदम
इन ₹871 करोड़ की परियोजनाओं के माध्यम से भारतीय रेल:
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मेंटेनेंस ढांचे का आधुनिकीकरण
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व्यस्त रेलखंडों का दोहरीकरण
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परिचालन बाधाओं का समाधान
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यात्री एवं माल सेवाओं की क्षमता वृद्धि
जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ रही है।
यह पहल देश की आर्थिक प्रगति को मजबूती देने के साथ-साथ तेज, सुरक्षित और विश्वसनीय रेल सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
