मुख्यमंत्री ने सुलह विधानसभा क्षेत्र में 148.68 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के किए लोकार्पण एवं शिलान्यास

हिमाचल प्रदेश के 75 वर्ष के सफर की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1948 में गठन के समय राज्य में केवल चार जिले थे जबकि आज जिलों की संख्या 12 है।

मुख्यमंत्री ने सुलह विधानसभा क्षेत्र में 148.68 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के किए लोकार्पण एवं शिलान्यास
cm inaugurated and laid stone for developmental projects in Sulah Assembly

NEW DELHI- मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के बावजूद हिमाचल प्रदेश ने सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास कर समाज के हर वर्ग का कल्याण सुनिश्चित किया है। आज कांगड़ा जिला के सुलह विधानसभा क्षेत्र के दैहण मैदान में आयोजित ‘लाभार्थी संवाद’ कार्यक्रम के दौरान विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच वर्षों के दौरान रिकॉर्ड विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के आधार पर प्रदेश सरकार दोबारा सत्ता में आएगी। 

जय राम ठाकुर ने ऊना जिला के लिए 1200 करोड़ रुपये के बल्क ड्रग फार्मा पार्क को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और प्रदेश की आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी।

उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के रूप में प्रदेश सरकार ने एक ऐतिहासिक पहल की थी। इससे हिमाचल प्रदेश निवेशकों के हब के रूप में विकसित हुआ है। यह ग्लोबल इन्वेस्टर मीट राज्य में अभी तक लगभग 96,721 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने में सफल रही है। पहली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 13,488 करोड़ रुपए और दूसरी दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 28,197 करोड़ रुपए के निवेश पर हस्ताक्षर हुए हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व और केंद्र सरकार की उदार सहायता के कारण हिमाचल प्रदेश तेजी से प्रगति और समृद्धि के पथ पर अग्रसर हो रहा है। नालागढ़ में 349 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से मेडिकल डिवाइस पार्क स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पार्क से 10 हजार से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

हिमाचल प्रदेश के 75 वर्ष के सफर की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1948 में गठन के समय राज्य में केवल चार जिले थे जबकि आज जिलों की संख्या 12 है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1948 में राज्य में प्रति व्यक्ति आय मात्र 240 रुपये थी जो अब बढ़कर 2,01,873 रुपये हो गई है। वर्तमान में राज्य की साक्षरता दर 83 प्रतिशत हो गई है जो वर्ष 1948 में केवल 4.8 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 1948 में राज्य में केवल 228 किलोमीटर सड़कें थीं, जबकि आज लगभग 40,000 किलोमीटर सड़क नेटवर्क दूरदराज के क्षेत्रों को जोड़ रहा है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री हिमकेयर योजना, मुख्यमंत्री सहारा योजना, मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना और मुख्यमंत्री शगुन योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं ने जरूरतमंदों और गरीबों को हरसंभव राहत प्रदान की है। 

उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में महिला यात्रियों को किराये में 50 प्रतिशत की रियायत दी गई है और घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली भी उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से 14 लाख से अधिक ऐसे उपभोक्ताओं को घरेलू बिजली की खपत पर शून्य बिल आए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के बिल भी माफ किए हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत राज्य सरकार ने पेंशन के 3 लाख से अधिक नए मामलों को मंजूरी प्रदान की है। राज्य सरकार द्वारा 3052 करोड़ रुपये व्यय कर 7,20,514 लाभार्थियों को पेंशन का लाभ प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने भट्टू में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने, पशु औषधालय सनहूं और ननाओं को पशु अस्पताल में स्तरोन्नत करने, राजकीय उच्च पाठशाला  बैरघट्टा को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के रूप में स्तरोन्नत करने और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पुढ़वा में वाणिज्य की कक्षाएं आरम्भ करने की घोषणा की। लोगों की विद्युत बोर्ड का वृत कार्यालय और सब जज कोर्ट खोलने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए औपचारिकताओं को पूरा कर व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार की जाएगी और यदि संभव हुआ तो विद्युत बोर्ड का वृत कार्यालय और न्यायालय खोलने पर विचार किया जाएगा। 

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने 37.55 करोड़ रुपये लागत की उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना कंगेहड़ से थंबू, 1.52 करोड़ रुपये लागत से ग्राम पंचायत रौड़ा के लिए पेयजल आपूर्ति योजना, ग्राम पंचायत भौरा व थंडोल के लिए 4.66 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित उठाऊ जलापूर्ति योजना, 2.87 करोड़ रुपये की लागत से गांव बुहला मैंझा, गडरेड घडेला कलां और फलवार के लिए निर्मित जलापूर्ति योजना, 96 लाख रुपये की लागत से निर्मित पटबाग लिझान जलापूर्ति योजना और भवारना में जल शक्ति विभाग के वृत कार्यालय का लोकार्पण किया।

 मुख्यमंत्री ने सुलह विधानसभा क्षेत्र के लिए 101.12 करोड़ रुपये की लागत की पांच विकासात्मक परियोजनाओं के शिलान्यास भी किए। इन परियोजनाओं में बैरघट्टा-डुहक सड़क मार्ग पर न्यूगल खड्ड पर 16.80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला डबल लेन पुल, पालमपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव कौना पिहाड़ी, डुहक धनियारा, भेड़ी पपरोला, डली भलुंदर और लाहडू साड्डा के लिए 10.07 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली उठाऊ जलापूर्ति योजना, 4.25 करोड़ रुपये लागत की प्रवाह सिंचाई योजना बड़ा ब्यास, 70 करोड़ रुपये की लागत से सुलह में बनने वाला फॉर्मेसी महाविद्यालय और कोना में बनने वाला आईटीआई भवन शामिल है। 

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने भवारना में जल शक्ति विभाग का नया वृत कार्यालय और लोक निर्माण विभाग तथा विद्युत बोर्ड के मंडल कार्यालय खोलने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों से सुलह विधानसभा क्षेत्र के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि 37.55 करोड़ रुपये लागत से निर्मित उठाऊ जलापूर्ति योजना का लोकार्पण होने से क्षेत्र के 6 हजार से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।

समारोह में बैजनाथ के विधायक मुल्ख राज प्रेमी, धर्मशाला के विधायक विशाल नैहरिया, हरियाणा के कोसली क्षेत्र के विधायक लक्ष्मण यादव, वूल फेडरेशन के अध्यक्ष एवं भाजपा प्रदेश महासचिव त्रिलोक कपूर, कर्मचारी एवं पेंशनभोगी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष घनश्याम शर्मा, पूर्व विधायक प्रवीण शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष हरि दत्त शर्मा, उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल, पुलिस अधीक्षक खुशाल शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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