₹1.91 लाख करोड़ की मेगा स्कीम का बड़ा असर! PLI से ₹20.41 लाख करोड़ उत्पादन, 14.39 लाख रोजगार सृजित
नई दिल्ली | 20 फरवरी 2026: भारत सरकार की महत्वाकांक्षी Production Linked Incentive (PLI) योजना अब देश के विनिर्माण सेक्टर में बड़ा बदलाव लाती दिख रही है। ₹1.91 लाख करोड़ के प्रोत्साहन परिव्यय वाली इस योजना के तहत 14 रणनीतिक क्षेत्रों में 836 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं।
Press Information Bureau (PIB) द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक योजना के तहत ₹2.16 लाख करोड़ से अधिक का निवेश और ₹20.41 लाख करोड़ से ज्यादा का उत्पादन/बिक्री दर्ज की गई है।
14.39 लाख रोजगार, ₹8.3 लाख करोड़ निर्यात
PLI योजना के तहत अब तक 14.39 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। वहीं, निर्यात ₹8.3 लाख करोड़ के पार पहुंच चुका है।
सरकार द्वारा 31 दिसंबर 2025 तक ₹28,748 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित की जा चुकी है, जिससे उत्पादन क्षमता और सप्लाई चेन मजबूत हुई है।
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इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बड़ा बदलाव
PLI का सबसे बड़ा प्रभाव इलेक्ट्रॉनिक्स और IT हार्डवेयर क्षेत्र में देखा गया है।
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FY21 के बाद मोबाइल आयात में लगभग 77% की गिरावट
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घरेलू मांग का 99% से अधिक उत्पादन अब भारत में
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PCB, बैटरी, कैमरा मॉड्यूल और डिस्प्ले यूनिट का स्थानीय निर्माण बढ़ा
भारत अब वैश्विक वैल्यू चेन में गहराई से जुड़ रहा है।
फार्मा और मेडिकल डिवाइस में आत्मनिर्भरता
191 बल्क ड्रग्स का पहली बार घरेलू उत्पादन शुरू हुआ है, जिससे लगभग ₹1,785 करोड़ का आयात प्रतिस्थापन हुआ। घरेलू वैल्यू एडिशन 83.7% तक पहुंच गया है।
बायोसिमिलर, मोनोक्लोनल एंटीबॉडी और नई केमिकल एंटिटी के विकास से फार्मा निर्यात को मजबूती मिली है।
ऑटो और EV सेक्टर को बूस्ट
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस सेफ्टी सिस्टम में निवेश बढ़ा है। FY26 में ₹32,879 करोड़ की बिक्री दर्ज की गई, जो इस सेक्टर में शुरुआती मजबूत संकेत है।
टेलीकॉम में 6 गुना वृद्धि
टेलीकॉम और नेटवर्किंग उत्पादों की बिक्री FY20 की तुलना में छह गुना बढ़ी है। निर्यात ₹21,033 करोड़ तक पहुंच गया है।
Bharat Sanchar Nigam Limited (BSNL) द्वारा स्वदेशी 4G टेक्नोलॉजी स्टैक की तैनाती को इस सेक्टर की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
सोलर और व्हाइट गुड्स में भी तेजी
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48 GW सोलर PV मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का लक्ष्य
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₹52,942 करोड़ का निवेश
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AC और LED सेक्टर में 75–80% स्थानीय वैल्यू एडिशन का लक्ष्य (2028-29 तक)
क्यों अहम है PLI योजना?
PLI योजना पारंपरिक सब्सिडी मॉडल से अलग है। इसमें प्रोत्साहन सीधे बढ़ी हुई उत्पादन/बिक्री पर आधारित है।
इससे:
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आयात निर्भरता कम हो रही है
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घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ रही है
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टेक्नोलॉजी अपनाने में तेजी आई है
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वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सुधार हुआ है
निष्कर्ष
₹2.16 लाख करोड़ से अधिक निवेश और ₹20 लाख करोड़ से ज्यादा उत्पादन के साथ PLI योजना भारत के औद्योगिक विकास की नई धुरी बन चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह योजना भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
