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ईडीआईआई ने ‘एंटरप्रेन्योरशिप फॉर टेक स्टार्टअप्स’ में पीजीडीएम की घोषणा की

एआईसीटीई अनुमोदित प्रबंधन कार्यक्रम; ‘विकसित भारत @ 2047’ की परिकल्पना के अनुरूप
ईडीआईआई ने ‘एंटरप्रेन्योरशिप फॉर टेक स्टार्टअप्स’ में पीजीडीएम की घोषणा की

बेंगलुरु, 16 फरवरी, 2026: एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया  (ईडीआईआई), जो भारत में उद्यमिता शिक्षा का अग्रणी संस्थान है, ने आज बेंगलुरु में “एंटरप्रेन्योरशिप फॉर टेक स्टार्टअप्स” में पीजीडीएम की घोषणा की। यह एआईसीटीई अनुमोदित प्रबंधन कार्यक्रम तकनीकी पेशेवरों को उद्यमिता संबंधी शिक्षा, मेंटरशिप और वेंचर-बिल्डिंग सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, ताकि वे अपने उच्च संभावनाशील विचारों को सफल स्टार्टअप में बदल सकें।

नया टेक स्टार्टअप्स विशेषज्ञता पाठ्यक्रम एडटेक, हेल्थटेक, फिनटेक, एआई आधारित व्यवसायों और तेजी से विस्तार करने वाले डिजिटल उद्यमों जैसे उभरते क्षेत्रों पर केंद्रित है। यह कार्यक्रम व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ तैयार किया गया है, जिसमें नए अवसरों की पहचान, योजना की सफलता की जांच, बिजनेस मॉडल तैयार करना, प्रोडक्ट विकसित करना, निवेश की तैयारी और बाजार में प्रभावी लॉन्च रणनीति पर विशेष ध्यान दिया गया है।

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डॉ.सुनील शुक्ला, डायरेक्टर जनरल, ईडीआईआई ने कहा, “बेंगलुरु देश की तकनीकी गतिविधियों का केंद्र है और कर्नाटक स्टार्टअप उछाल के केंद्र में है। ऐसे में टेक स्टार्टअप्स विशेषज्ञता की शुरुआत के लिए यह उपयुक्त स्थान है। आज के युवा उद्देश्यपूर्ण तरीके से उद्यमिता को करियर के रूप में चुन रहे हैं। ईडीआईआई उद्यमिता विकास का एक स्पष्ट मार्ग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो आने वाले दशक में राष्ट्र की प्रगति में योगदान दे और 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने में सहायक बने।”

पीजीडीएम एंटरप्रेन्योरशिप: रोजगार नहीं, उद्यमी तैयार करना

वर्ष 1998 में शुरू किया गया दो वर्षीय पीजीडीएम (एंटरप्रेन्योरशिप) कार्यक्रम देश के सबसे केंद्रित पाठ्यक्रमों में से एक है, जिसका एकमात्र उद्देश्य उद्यमिता विकास है। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से अनुमोदित, नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिटेशन (एनबीए) से मान्यता प्राप्त तथा एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) से एमबीए समकक्ष दर्जा प्राप्त है।

अब तक इस कार्यक्रम के 2,200 से अधिक पूर्व छात्र हैं, जिनमें से लगभग 79 प्रतिशत सक्रिय उद्यमी हैं। ईडीआईआई माइलस्टोन-आधारित शिक्षण पद्धति अपनाता है, जिससे छात्र पाठ्यक्रम के दौरान ही उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ते हैं। उन्हें संरचित मेंटरशिप, वास्तविक उद्योग अनुभव, ईडीआईआई के ‘सेंटर फॉर एडवांसिंग एंड लॉन्चिंग एंटरप्राइजेज (सीएएलईएल)’ के माध्यम से इनक्यूबेशन सहयोग तथा माइलस्टोन आधारित सीड ग्रांट्स प्रदान किए जाते हैं।

वर्तमान में छात्र न्यू एंटरप्राइज क्रिएशन, फैमिली बिजनेस मैनेजमेंट, सोशल एंटरप्रेन्योरशिप और अब टेक स्टार्टअप्स में विशेषज्ञता चुन सकते हैं, जिससे यह पीजीडीएम विविध उद्यमी मार्गों के लिए एक समग्र मंच प्रदान करता है।

यह कार्यक्रम विशेष रूप से निम्नलिखित के लिए प्रासंगिक है:
• सॉफ्टवेयर, प्रोडक्ट, डेटा/एआई, इंजीनियरिंग और आईटी सेवाओं से जुड़े तकनीकी पेशेवर, जो उद्यमिता की ओर बढ़ना चाहते हैं
• प्रारंभिक चरण के संस्थापक, जो मजबूत व्यवसायिक आधार, बेहतर क्रियान्वयन और मेंटरशिप चाहते हैं
• नवाचार-उन्मुख स्नातक, जो डिजिटल-प्रथम और तकनीक-सक्षम उद्यम स्थापित करना चाहते हैं

 

कर्नाटक में मजबूत सीएसआर उपस्थिति और जमीनी स्तर पर उद्यमिता

वर्ष 1997 में बेंगलुरु में क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना के बाद से ईडीआईआई ने शैक्षणिक गतिविधियों से आगे बढ़कर राज्य में सक्रिय भूमिका निभाई है। यह संस्था सीएसआर पहलों तथा राज्य सरकार के साथ साझेदारी में महिला सशक्तिकरण, एमएसएमई विकास, युवाओं में उद्यमिता, सतत व्यवसाय पहल और मंड्या, तुमकुरु, कोलार तथा नेलमंगला जैसे जिलों में आजीविका विकास पर कार्य कर रही है।

ईडीआईआई, एक्सेंचर, एचएसबीसी, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, आईडीबीआई बैंक जैसी अग्रणी कॉर्पोरेट संस्थाओं के साथ मिलकर सीएसआर समर्थित उद्यमिता कार्यक्रम संचालित करता है, जिससे विशेष रूप से महिला उद्यमियों सहित हजारों लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

बेंगलुरु में ‘एंटरप्रेन्योरशिप हुब्बा’ जैसी नई पहलें ईडीआईआई के जमीनी दृष्टिकोण का उदाहरण हैं, जो महिलाओं को घर-आधारित या लघु स्तर के व्यवसायों के माध्यम से आय अर्जित करने में सक्षम बनाती हैं।

 

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ईडीआईआई के बारे में:
एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया  (ईडीआईआई), अहमदाबाद, भारत की अग्रणी राष्ट्रीय संसाधन संस्था है, जो उद्यमिता शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और उद्यम सृजन के लिए समर्पित है। चार दशक से अधिक समय पहले स्थापित यह संस्थान शैक्षणिक कार्यक्रमों, इनक्यूबेशन, नीतिगत परामर्श और व्यापक विकास पहलों के माध्यम से देशभर में उद्यमिता को बढ़ावा देने में उत्प्रेरक भूमिका निभा रहा है।

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