Advertisement

15वें वित्त आयोग के तहत झारखंड को ₹275 करोड़ से अधिक की दूसरी किस्त जारी

केंद्र सरकार ने पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत झारखंड की पंचायतों और ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए ₹275.12 करोड़ की दूसरी किस्त जारी की। जानिए किसे मिलेगा लाभ और कैसे होगा उपयोग।
15वें वित्त आयोग के तहत झारखंड को ₹275 करोड़ से अधिक की दूसरी किस्त जारी

नई दिल्ली, 27 फरवरी 2026: केंद्र सरकार ने ग्रामीण शासन को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए झारखंड को पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत ₹275.1253 करोड़ की राशि जारी की है। यह अनुदान वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अप्रतिबंधित (Untied) अनुदान की दूसरी किस्त के रूप में प्रदान किया गया है।

इस राशि से राज्य की सभी पात्र पंचायत संस्थाओं को लाभ मिलेगा, जिनमें 24 जिला पंचायतें, 253 ब्लॉक पंचायतें और 4,342 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।

किन संस्थाओं को मिलेगा लाभ?

यह अनुदान झारखंड की पंचायती राज संस्थाओं (PRI) और ग्रामीण स्थानीय निकायों (RLB) को मजबूत करने के उद्देश्य से जारी किया गया है।

लाभार्थियों में शामिल हैं:

• 24 जिला पंचायतें (DP)
• 253 ब्लॉक पंचायतें (BP)
• 4,342 ग्राम पंचायतें (GP)

यह राशि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और स्थानीय विकास को गति देने में मदद करेगी।

अनुदान कैसे और किन मंत्रालयों के माध्यम से जारी होता है?

भारत सरकार पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर यह अनुदान जारी करती है।

इस प्रक्रिया में प्रमुख भूमिका निभाते हैं:

• पंचायती राज मंत्रालय
• जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग)
• वित्त मंत्रालय (अंतिम निर्गम प्राधिकरण)

अनुदान एक वित्तीय वर्ष में दो किस्तों में जारी किया जाता है।

 

Advertisement

अप्रतिबंधित और बद्ध अनुदान में क्या अंतर है?

अप्रतिबंधित (Untied) अनुदान
इनका उपयोग पंचायतें स्थानीय जरूरतों के अनुसार कर सकती हैं। हालांकि, वेतन और अन्य स्थापना खर्चों पर इसका उपयोग नहीं किया जा सकता।

यह राशि संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में वर्णित 29 विषयों के अंतर्गत विकास कार्यों पर खर्च की जा सकती है।

बद्ध (Tied) अनुदान
इनका उपयोग विशेष उद्देश्यों के लिए किया जाता है, जैसे:

• स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त (ODF) स्थिति का रखरखाव
• ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन
• मानव मल और फीकल स्लज प्रबंधन
• पेयजल आपूर्ति
• वर्षा जल संचयन
• जल पुनर्चक्रण

ग्रामीण विकास पर क्या होगा असर?

₹275 करोड़ से अधिक की यह राशि झारखंड में ग्राम स्तर पर विकास परियोजनाओं को गति देगी। इससे पंचायतों को स्थानीय समस्याओं के समाधान, स्वच्छता सुधार, जल प्रबंधन और बुनियादी सेवाओं के विस्तार में सहायता मिलेगी।

यह कदम ग्रामीण शासन को अधिक मजबूत, पारदर्शी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

Advertisement

निष्कर्ष

पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत झारखंड को जारी की गई ₹275 करोड़ से अधिक की दूसरी किस्त ग्रामीण विकास और पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम है। यह अनुदान राज्य की हजारों ग्राम पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को लागू करने में मदद करेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सेवाओं को बेहतर बनाएगा।

 

Advertisement