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123 सपने, एक मिशन: एनटीपीसी कोरबा के GEM 2026 अभियान से 123 बालिकाएं हुईं सशक्त

एनटीपीसी कोरबा ने बालिका सशक्तिकरण अभियान (GEM) 2026 का सफल समापन किया। 41 स्कूलों और 36 गांवों की 123 बालिकाओं ने एक माह के प्रशिक्षण में हिस्सा लिया।
123 सपने, एक मिशन: एनटीपीसी कोरबा के GEM 2026 अभियान से 123 बालिकाएं हुईं सशक्त
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कोरबा, 16 जून 2026। एनटीपीसी कोरबा ने अपने प्रमुख कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) कार्यक्रम ‘बालिका सशक्तिकरण अभियान (GEM) 2026’ के सातवें संस्करण का भव्य समापन समारोह आयोजित कर 123 बालिकाओं की एक माह लंबी प्रेरणादायक यात्रा का उत्सव मनाया। इस अभियान ने आसपास के 36 गांवों एवं शहरी वार्डों तथा 41 विद्यालयों से आई बालिकाओं को शिक्षा, नेतृत्व, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास का मंच प्रदान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन एवं एनटीपीसी गीत के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रतिभागियों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों, रचनात्मक परियोजनाओं और विभिन्न शिक्षण उपलब्धियों की प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसने बालिकाओं में विकसित हुई रचनात्मकता और आत्मविश्वास की झलक प्रस्तुत की।

 

41 स्कूलों और 36 गांवों की 123 बालिकाओं ने लिया हिस्सा

एनटीपीसी कोरबा के बिजनेस यूनिट हेड श्री के.सी. पात्रा ने अभियान की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कुछ सप्ताह पहले जिज्ञासा और सपनों के साथ इस पहल से जुड़ी बालिकाएं आज आत्मविश्वास, ज्ञान और आशा की सशक्त दूत बनकर अपने घर लौट रही हैं।

उन्होंने बालिकाओं को अपने सपनों पर विश्वास बनाए रखने और समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा बनने का संदेश दिया।

 

 

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डॉक्यूमेंट्री फिल्म और प्रतिभागियों के अनुभव बने आकर्षण का केंद्र

समारोह का प्रमुख आकर्षण बालिका सशक्तिकरण अभियान 2026 पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन रहा, जिसमें एक माह के दौरान आयोजित गतिविधियों और प्रतिभागियों के प्रेरणादायक बदलावों को दर्शाया गया।

दो प्रतिभागी बालिकाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम ने उनके आत्मविश्वास, संवाद कौशल और भविष्य के सपनों को नई दिशा दी है।

 

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता दर्शकों का दिल

कार्यक्रम में गणेश व सरस्वती वंदना, आत्मरक्षा प्रदर्शन, योग प्रस्तुति और आकर्षक यूवी शो ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘प्राइड ऑफ इंडिया’ थीम पर आधारित विशेष प्रस्तुति में भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय पहचान को रचनात्मक रूप से प्रदर्शित किया गया।

प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों को दर्शकों से भरपूर सराहना मिली, जो अभियान के दौरान विकसित हुए उनके आत्मविश्वास, टीम भावना और रचनात्मक क्षमता का प्रमाण था।

 

नेतृत्व, संवाद कौशल और जीवन मूल्यों का मिला प्रशिक्षण

एक माह के दौरान बालिकाओं ने न केवल नई जानकारियां और कौशल हासिल किए, बल्कि नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता तथा जीवनोपयोगी मूल्यों को भी आत्मसात किया।

श्री के.सी. पात्रा ने कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम का समापन नहीं, बल्कि 123 नई यात्राओं की शुरुआत है, जो सपनों, अवसरों और उपलब्धियों से भरे भविष्य की ओर अग्रसर हैं।

उन्होंने कहा, "हर सशक्त बालिका अपने परिवार की शक्ति, अपने समुदाय की प्रेरणा और राष्ट्र की प्रगति की भागीदार बनती है।"

 

 

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बालिका सशक्तिकरण के प्रति एनटीपीसी की प्रतिबद्धता

समारोह के दौरान अभिभावकों, मैत्री महिला समिति, प्रशिक्षकों, स्वयंसेवकों, सीआईएसएफ कर्मियों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के योगदान की सराहना की गई।

एनटीपीसी कोरबा ने एक बार फिर "सशक्त बालिकाएं, सशक्त राष्ट्र" के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि ऐसे अभियानों के माध्यम से बालिकाओं को आत्मनिर्भर, जिम्मेदार और आत्मविश्वासी नागरिक बनने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।

समारोह का समापन इस प्रेरक संदेश के साथ हुआ—"जब एक बालिका सशक्त होती है, तो परिवार प्रगति करता है, समुदाय समृद्ध होता है और राष्ट्र मजबूत बनता है।"

Note*: This article is for informational purposes only. PSU Connect is not responsible for any actions taken based on this content.Terms & Conditions