यूनियन बैंक ₹25,000 करोड़ जुटाएगा: लॉन्ग-टर्म और ग्रीन बॉन्ड जारी करने को मंजूरी
मुंबई, 16 मार्च 2026: सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने फंड जुटाने के लिए बड़े कदम की घोषणा की है। बैंक की कमेटी ऑफ डायरेक्टर्स (फंड रेजिंग – नॉन कैपिटल) ने 16 मार्च 2026 को आयोजित बैठक में कुल ₹25,000 करोड़ तक के बॉन्ड जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
यह निर्णय बैंक की दीर्घकालिक फंडिंग आवश्यकताओं को पूरा करने और बुनियादी ढांचे तथा किफायती आवास परियोजनाओं को वित्तपोषण देने के उद्देश्य से लिया गया है।
₹20,000 करोड़ तक लॉन्ग-टर्म बॉन्ड जारी करने की मंजूरी
बैंक द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कमेटी ने ₹20,000 करोड़ तक के लॉन्ग-टर्म बॉन्ड एक या अधिक चरणों (Tranches) में जारी करने की अनुमति दी है।
इन बॉन्ड से जुटाई जाने वाली राशि का उपयोग मुख्य रूप से:
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इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के वित्तपोषण
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अफोर्डेबल हाउसिंग सेक्टर को फंडिंग
के लिए किया जाएगा।
इसके अलावा बैंक 31 मार्च 2026 से पहले 10 साल की अवधि (Tenor) वाले बॉन्ड के जरिए ₹7,500 करोड़ जुटाने की संभावना भी तलाश रहा है।
इसमें शामिल हैं:
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Base Issue: ₹3,000 करोड़
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Green Shoe Option: ₹4,500 करोड़
₹5,000 करोड़ के ग्रीन और सस्टेनेबल बॉन्ड भी जारी होंगे
फंड रेजिंग योजना के तहत बैंक ने ₹5,000 करोड़ तक के ग्रीन बॉन्ड या सस्टेनेबल बॉन्ड जारी करने की भी मंजूरी दी है।
इन बॉन्ड के माध्यम से जुटाई गई राशि का उपयोग पर्यावरण-अनुकूल और सतत विकास परियोजनाओं में निवेश के लिए किया जा सकता है।
ग्रीन बॉन्ड का उपयोग आमतौर पर इन क्षेत्रों में किया जाता है:
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नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं
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ऊर्जा दक्षता कार्यक्रम
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सतत बुनियादी ढांचा
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पर्यावरण संरक्षण परियोजनाएं
केवल 20 मिनट चली बोर्ड कमेटी की बैठक
बैंक की कमेटी ऑफ डायरेक्टर्स की यह महत्वपूर्ण बैठक सुबह 10:00 बजे शुरू हुई और 10:20 बजे समाप्त हुई।
बैठक में फंड रेजिंग से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया गया और उन्हें मंजूरी दी गई।
स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी
बैंक ने इस निर्णय की जानकारी बीएसई लिमिटेड (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को भी दी है, जो SEBI (Listing Obligations & Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के तहत अनिवार्य है।
स्टॉक एक्सचेंज पर बैंक के विवरण:
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BSE Scrip Code: 532477
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NSE Symbol: UNIONBANK-EQ
बैंक की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा
विशेषज्ञों का मानना है कि बॉन्ड के माध्यम से फंड जुटाने का यह कदम बैंक की दीर्घकालिक पूंजी प्रबंधन रणनीति का हिस्सा है।
इससे बैंक को:
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बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को फंड करने
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ग्रीन फाइनेंस को बढ़ावा देने
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लोन पोर्टफोलियो का विस्तार करने
में मदद मिल सकती है।
