पर्यावरण के अनुकूल परिवहन साधनों को बढ़ावा देने और परिवहन क्षेत्र को डीकार्बोनाइज करने के लिए जारी की गईं अधिसूचनाएं

पर्यावरण के अनुकूल परिवहन साधनों को बढ़ावा देने और परिवहन क्षेत्र को डीकार्बोनाइज करने के लिए, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने वैकल्पिक ईंधनों को पेश करने के लिए बड़े पैमाने पर उत्सर्जन मानकों को अधिसूचित किया है

पर्यावरण के अनुकूल परिवहन साधनों को बढ़ावा देने और परिवहन क्षेत्र को डीकार्बोनाइज करने के लिए जारी की गईं अधिसूचनाएं
पर्यावरण के अनुकूल परिवहन साधनों को बढ़ावा देने और परिवहन क्षेत्र को डीकार्बोनाइज करने के लिए जारी की गईं अधिसूचनाएं

नई दिल्ली : पर्यावरण के अनुकूल परिवहन साधनों को बढ़ावा देने और परिवहन क्षेत्र को डीकार्बोनाइज करने के लिए, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने वैकल्पिक ईंधनों को पेश करने के लिए बड़े पैमाने पर उत्सर्जन मानकों को अधिसूचित किया है। इनमे गैसोलीन के साथ इथेनॉल के मिश्रण (ई-10, ई-12, ई-15, ई-20), फ्लेक्स-ईंधन (ई 85) या (ई 100) और डीजल वाहनों के लिए इथेनॉल मिश्रण (ईडी 95), बायोडीजल, बायो- CNG, तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG), मेथनॉल M15 या M100 और मेथनॉल MD 95, दोहरा ईंधन, M85 और Di-मिथाइल ईथर (DME या D100), हाइड्रोजन ईंधन सेल वाहन और हाइड्रोजन CNG हैंI 

देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) द्वारा उठाए गए कदम इस प्रकार हैं: -

i)  दिनांक 01 मार्च 2019 से MoRTH ने शुद्ध इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रेट्रो-फिटमेंट के माध्यम से रूपांतरण के लिए GSR 167 (E)  को अधिसूचित किया है और उनका अनुपालन AIS 123 के अनुसार होगा।

ii) दिनांक 18 अक्टूबर, 2018 से  MoRTH, SO 5333(E)  के माध्यम से, परमिट की आवश्यकताओं से इथेनॉल और मेथनॉल ईंधन पर चलने वाले बैटरी चालित परिवहन वाहनों और परिवहन वाहनों को भी छूट प्रदान की गई है।

iii)  दिनांक 7 अगस्त, 2018 से MoRTH ने GSR 749(E) के द्वारा बैटरी संचालित परिवहन वाहनों के लिए हरे रंग की पृष्ठभूमि पर पीले रंग में और अन्य सभी मामलों के लिए हरे रंग की पृष्ठभूमि पर सफेद रंग में पंजीकरण चिह्न अधिसूचित किया है।

iv) दिनांक 02 अगस्त, 2021 से MoRTH ने GSR 525(E)  के तहत बैटरी से चलने वाले वाहनों को पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी करने या नवीनीकरण करने और नए पंजीकरण चिह्न के असाइनमेंट के लिए शुल्क के भुगतान से छूट दी गई।

v)  17 जुलाई, 2019 को MoRTH ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने और साझा गतिशीलता और सार्वजनिक परिवहन संचालन में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने के बारे में एक सलाह जारी की।

vi) 12 अगस्त, 2020 को MoRTH ने बिना बैटरी वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और पंजीकरण के संबंध में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक एडवाइजरी जारी की।

vii) 16 जून, 2021 को MoRTH ने बैटरी से चलने वाले वाहनों को बढ़ावा देने के संबंध में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एक एडवाइजरी जारी की।

viii) दिनांक 11.11.2022 को MoRTH ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए शून्य लागत पर अखिल भारतीय पर्यटक परमिट जारी करने के लिए GSR 815 (E), के माध्यम से एक मसौदा अधिसूचना जारी की।

भारी उद्योग मंत्रालय ने जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करने और वाहनों के उत्सर्जन के मुद्दों को दूर करने के उद्देश्य से 2015 में फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ (हाइब्रिड एंड) इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इन इंडिया (फेम इंडिया) योजना शुरू की। वर्तमान में, फेम इंडिया योजना का चरण- II 01 अप्रैल, 2019 से 5 वर्षों की अवधि के लिए कुल बजटीय 10,000 करोड़ की सहायता के साथ लागू किया जा रहा है। यह चरण सार्वजनिक और साझा परिवहन के विद्युतीकरण का समर्थन करने पर केंद्रित है।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने वाहन स्क्रैपिंग नीति तैयार की है जिसमें पुराने, अनुपयुक्त प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए एक प्रणाली शामिल की गई है। नीति के प्रावधानों को लागू करने के लिए, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के ढांचे के तहत नियम जारी/संशोधित किए गए हैं। मंत्रालय की वेबसाइट पर निम्नलिखित अधिसूचनाएं जारी और अपलोड की गई हैं:

i)  जीएसआर अधिसूचना 653 (ई) दिनांक 23.09.2021 पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (आरवीएसएफ) की स्थापना के लिए मोटर वाहन (पंजीकरण और वाहन स्क्रैपिंग सुविधा के कार्य) नियम, 2021 प्रदान करती है। अधिसूचना 25 सितंबर, 2021 से प्रभावी हो गई है। 

ii) जीएसआर अधिसूचना 652 (ई) दिनांक 23.09.2021 स्वचालित परीक्षण स्टेशनों की मान्यता, विनियमन और नियंत्रण प्रदान करती है। अधिसूचना 25 सितंबर, 2021 से प्रभावी हो गई है। 

iii) जीएसआर अधिसूचना 714 (ई) दिनांक 04.10.2021 वाहनों के पंजीकरण शुल्क, फिटनेस परीक्षण शुल्क और फिटनेस प्रमाणन शुल्क में संशोधन का प्रावधान करती है। अधिसूचना 1 अप्रैल, 2022 से प्रभावी हो गई है।

iv) जीएसआर अधिसूचना 720 (ई) दिनांक 05.10.2021 "जमा प्रमाणपत्र" जमा करने के खिलाफ पंजीकृत वाहन के लिए मोटर वाहन कर में रियायत का प्रावधान करती है। अधिसूचना 1 अप्रैल, 2022 से प्रभावी हो गई है।

v) जीएसआर अधिसूचना 272(ई) दिनांक 05.04.2022 के तहत केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के नियम 175 के अनुसार पंजीकृत स्वचालित परीक्षण स्टेशन के माध्यम से ही मोटर वाहनों की अनिवार्य फिटनेस का प्रावधान है, जो निम्नानुसार है - 

a) 01 अप्रैल 2023 से प्रभावी भारी माल वाहनों / भारी यात्री मोटर वाहनों के लिए
b) 01 जून 2024 से मध्यम माल वाहनों / मध्यम यात्री मोटर वाहनों और हल्के मोटर वाहनों (परिवहन) के लिए  प्रभावी हो गई है।

vi) जीएसआर अधिसूचना 695 (ई) दिनांक 13.09.2022 मोटर वाहन (पंजीकरण और वाहन स्क्रैपिंग सुविधा के कार्य) नियम, 2021 में संशोधन के लिए प्रदान करती है, जो पहले जीएसआर 653 (ई) दिनांक 23.09.2021 द्वारा प्रकाशित किया गया। 

vii) जीएसआर अधिसूचना 797 (ई) दिनांक 31.10.2022 "स्वचालित परीक्षण स्टेशनों की मान्यता, विनियमन और नियंत्रण" के लिए नियमों में संशोधन प्रदान करती है, जो पहले जीएसआर 652 (ई) दिनांक 23.09.2021 द्वारा प्रकाशित किया गया ।

viii) जीएसआर अधिसूचना 29(ई) दिनांक 16.01.2023 में केंद्र, राज्य और केंद्रशासित प्रदेश सरकारों और उनके विभागों, स्थानीय सरकार (नगर निगमों या नगर पालिकाओं या पंचायतों), पीएसयू और केंद्र सरकार के साथ अन्य स्वायत्त निकायों के स्वामित्व वाले वाहनों के पंजीकरण का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। और राज्य सरकारें, पंद्रह वर्ष की समाप्ति के बाद नवीनीकृत नहीं की जाएंगी। 


भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने डब्ल्यूपी संख्या 13029/1985 (एमसी मेहता बनाम यूओआई) दिनांक 29.10.2018 में एनसीआर के परिवहन विभागों को निर्देश दिया है कि 10 वर्ष से अधिक पुराने सभी डीजल वाहन और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहन साल पुराना एनसीआर में नहीं चलेगा।

यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में एक प्रश्न का लिखित में उत्तर दिया।

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