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भारतीय रेलवे ने एक दिन में दी ₹1,037 करोड़ की तीन बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी, इंदौर, पूर्वी रेलवे और कच्छ क्षेत्र को मिलेगा बड़ा फायदा

भारतीय रेलवे ने इंदौर में शास्त्री ब्रिज पुनर्निर्माण, पूर्वी रेलवे पर सिग्नल आधुनिकीकरण और गुजरात के आदिपुर-भुज दोहरीकरण सहित कुल ₹1,037 करोड़ की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
भारतीय रेलवे ने एक दिन में दी ₹1,037 करोड़ की तीन बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी, इंदौर, पूर्वी रेलवे और कच्छ क्षेत्र को मिलेगा बड़ा फायदा
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नई दिल्ली, 17 जून 2026: भारतीय रेलवे ने देश में रेल अवसंरचना, सुरक्षा और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एक ही दिन में कुल ₹1,037 करोड़ की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें मध्य प्रदेश के इंदौर में शास्त्री ब्रिज का पुनर्निर्माण, पूर्वी रेलवे पर सिग्नलिंग प्रणाली का आधुनिकीकरण और गुजरात में आदिपुर-भुज रेल लाइन का दोहरीकरण शामिल है।

 

1. इंदौर के शास्त्री ब्रिज के पुनर्निर्माण के लिए ₹139 करोड़ मंजूर

भारतीय रेलवे ने इंदौर यार्ड स्थित आरओबी नंबर 103-सी (शास्त्री ब्रिज) के पुनर्निर्माण के लिए ₹139 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं

  • चार लेन का आधुनिक ओवरब्रिज।

  • 72 मीटर लंबा ऊंट की पीठ के आकार का ढांचा।

  • दोनों ओर 6-6 मीटर चौड़ी सर्विस रोड।

  • नई सीवर लाइन और जल निकासी व्यवस्था।

  • बिजली और स्ट्रीट लाइटिंग अवसंरचना का आधुनिकीकरण।

इस परियोजना से इंदौर में यातायात जाम कम होगा और लोगों को सुरक्षित तथा सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।

 

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2. पूर्वी रेलवे पर ₹405 करोड़ की सिग्नलिंग परियोजना

रेल सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे ने पूर्वी रेलवे में ₹405 करोड़ की सिग्नल आधुनिकीकरण परियोजना को मंजूरी दी है।

32 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग

इस परियोजना के तहत:

  • 25 पैनल इंटरलॉकिंग (PI) और रूट रिले इंटरलॉकिंग (RRI) स्टेशनों का उन्नयन।

  • 7 इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नलिंग (IBS) स्टेशन शामिल।

  • पुरानी रिले आधारित प्रणाली को आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) से बदला जाएगा।

यात्रियों को क्या फायदा होगा?

  • सिग्नल विफलता की घटनाएं कम होंगी।

  • ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित होगा।

  • खराबी का तेजी से पता लगाया जा सकेगा।

  • हाई डेंसिटी और हाई यूटिलाइज्ड नेटवर्क पर परिचालन दक्षता बढ़ेगी।

यह परियोजना भविष्य में कवच, स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग और केंद्रीकृत यातायात नियंत्रण जैसी आधुनिक तकनीकों के लिए भी आधार तैयार करेगी।

 

3. गुजरात में आदिपुर-भुज रेल लाइन के दोहरीकरण पर ₹493 करोड़ खर्च

पश्चिम रेलवे के 49 किलोमीटर लंबे आदिपुर-भुज खंड के दोहरीकरण के लिए रेलवे ने ₹493 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी है।

परियोजना से होंगे ये बड़े लाभ

  • दोनों दिशाओं में प्रतिदिन दो अतिरिक्त यात्री ट्रेनें चल सकेंगी।

  • प्रति वर्ष 12 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता उपलब्ध होगी।

  • कच्छ क्षेत्र की औद्योगिक और लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

  • मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम किया जा सकेगा।

रेलवे के अनुसार, 2029-30 तक इस खंड की क्षमता उपयोग 123 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है, जिसके मद्देनजर यह दोहरीकरण परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

 

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प्रमुख बिंदु

परियोजना

लागत

इंदौर शास्त्री ब्रिज पुनर्निर्माण

₹139 करोड़

पूर्वी रेलवे सिग्नल आधुनिकीकरण

₹405 करोड़

आदिपुर-भुज दोहरीकरण परियोजना

₹493 करोड़

कुल निवेश

₹1,037 करोड़

 

भारतीय रेलवे की इन तीन बड़ी परियोजनाओं से देश में रेल सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, माल परिवहन और शहरी संपर्क व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही, यह निवेश भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने और आधुनिक रेलवे नेटवर्क के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Note*: This article is for informational purposes only. PSU Connect is not responsible for any actions taken based on this content.Terms & Conditions